रतलाम/सैलाना
थाना सैलाना पुलिस की कार्रवाई घटना में प्रयुक्त 02 मोटरसाइकिल एवं लकड़ियां जब्त/ दिनांक 19.10.2026 को शाम करीब 06:00 बजे फरियादी ताहेर पिता नजमुद्दीन बोहरा, निवासी सैलाना की जूते-चप्पल की दुकान पर विदेसिंग निनामा निवासी सांसर अपने साथियों के साथ पहुंचा। आरोपियों द्वारा दुकान में घुसकर झगड़ा-विवाद, गाली-गलौज, तोड़फोड़ एवं मारपीट की गई, जिससे फरियादी ताहेर सहित अन्य लोगों को चोटें आईं। घटना की सूचना पर थाना सैलाना पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया। प्रकरण में धारा 296(b), 115(2), 351(3), 324(4), 3(5) बीएनएस के साथ धारा 119(1), 191(2) एवं 331 बीएनएस का इजाफा कर विवेचना में लिया गया। थाना सैलाना पुलिस द्वारा विवेचना के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त लकड़ियां एवं 02 मोटरसाइकिल जब्त की गई हैं। आरोपियों को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।

सराहनीय भूमिका–उक्त कार्रवाई में थाना सैलाना पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
रतलाम पुलिस — अपराध एवं असामाजिक गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु प्रतिबद्ध।
रतलाम
कलेक्टर अजय कटेसरिया ने सपत्नीक श्री रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम, जवाहर नगर रतलाम पहुंचे और बंगाली समाज द्वारा स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। दशहरे के अवसर पर बंगाली परंपरा के अनुसार आयोजित पूजा में कलेक्टर श्री कटेसरिया सपत्नीक शामिल हुए और मां दुर्गा का आशीर्वाद प्राप्त किया।

बंगाली समाज रतलाम द्वारा आयोजित सार्वजनिक दुर्गा पूजा महोत्सव का यह निरंतर 53वां वर्ष है। वर्ष 1974 में कालिका माता मंदिर प्रांगण से प्रारंभ हुई यह परंपरा विगत अनेक वर्षों से श्री रामकृष्ण विवेकानंद आश्रम, जवाहर नगर में श्रद्धा, आस्था एवं हर्षोल्लास के साथ निभाई जा रही है।
बंगाली समाज की दुर्गा पूजा अपनी विशिष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के लिए विशेष पहचान रखती है। पूजा महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान एवं कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में समाजजन श्रद्धा के साथ सहभागिता करते हैं। दुर्गा पूजा महोत्सव का विशेष आकर्षण मां दुर्गा की विदाई से पूर्व आयोजित होने वाला सिंदूर खेला है। बंगाली परंपरा के अनुसार इसे मां दुर्गा की विदाई की रस्म के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर महिलाएं मां दुर्गा की प्रतिमा को सिंदूर अर्पित करती हैं तथा एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर मिठाई खिलाती हैं।


































