रतलाम/उज्जैन
06 अक्टूबर 2026
हाईवे के किनारे ढाबों व रेस्टोरेन्टस पर थानों, अस्पतालों व एम्बुलेंस के नंबर प्रदर्शित किए जाए। हाईवे पर अवैधानिक कट बनाए जाने पर कार्यवाही होगी।संभागायुक्त ने सडक सुरक्षा समिति की बैठक में दिए निर्देश। संभागीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संभागायुक्त आशीष सिंह ने निर्देश दिए कि संभाग के जिलों में जहां-जहां भी ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, वहां पर हाईवे के किनारे के ढाबों और रेस्टोरेंटों पर हॉस्पिटल, एंबुलेंस व थानों के नंबर की लिस्ट बनाकर प्रदर्शित की जाए। साथ ही ढाबों व रेस्टोरेंट पर कार्यरत कर्मचारियों को इस बात का प्रशिक्षण भी दिया जाए कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को किस तरह निकट के अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाया जाए। आवश्यकता हो तो ऐसे कर्मचारियों के समूह को डॉक्टर्स एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा प्रशिक्षण दिलवाया जाना चाहिए। आपात स्थिति में सीपीआर किस तरह से दी जानी चाहिए, इसकी भी प्रॉपर ट्रेनिंग होनी चाहिए।
संभागीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आज प्रशासनिक संकुल भवन के द्वितीय तल स्थित कलेक्टर सभागृह में संभागायुक्त श्री आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एडीजी श्री राकेश गुप्ता, डीआईजी श्री नवनीत भसीन, सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में संभागायुक्त आशीष सिंह ने कहा कि ऐसे धार्मिक व सामाजिक स्थलों के पास बनी हुई रपटें, जिन पर बाढ़ का पानी चढ़ जाता है और वहां नलखेड़ा की तरह दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है, तो एसी जगहों पर बड़े पुल बनाने का प्रस्ताव बनाकर जिले से भेजा जाए। ऐसे स्थानों पर सर्वोच्च प्राथमिकता से ब्रिज बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
संभागायुक्त ने राष्ट्रीय राजमार्गों एवं एमपीआरडीसी की सड़कों पर बने हुए अवैधानिक कट पॉइंट को बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने इंजीनियर्स को निर्देश दिए कि यदि ढाबों, पेट्रोल पंपों आदि के सामने अवैधानिक कट बनाए जाते हैं तो संबंधित इंजीनियर के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। संभागायुक्त ने कहा कि जहां भी कट पॉइंट है, वहां पर प्रॉपर साइनेज व नियमानुसार स्पीड ब्रेकर या रंबल स्ट्रिप लगाई जाना चाहिए। पेट्रोल पंप व ढाबों के लिए कट देने की आवश्यकता नहीं है। संभागायुक्त ने आवश्यक व अनावश्यक कट की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में एडीजी श्री राकेश गुप्ता ने शहर में लगने वाली सब्जी मंडियों के कारण बिगड़ी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने, सड़कों पर दिखने वाले गौवंश को गौशाला में पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। साथ ही एडीजी ने कहा कि टोल नाके के आसपास सीट बेल्ट की चेकिंग की जानी चाहिए। दो पहिया वाहन चालको को हेलमेट लगाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि चेकिंग के समय यह ध्यान रखा जाए कि इससे ट्रैफिक प्रभावित न हो। श्री राकेश गुप्ता ने निर्देश दिए हैं कि एनएचएआई, एमपीआरडीसी एवं पुलिस तीनों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए अपने-अपने फोर्स व एंबुलेंस के नंबर आपस में साझा करें।

उज्जैन पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वर्तमान में उज्जैन में 2 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था है, इसके बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह प्राइवेट टैक्सी ऑपरेटरों के वाहन बेगम बाग से महाकाल की तरफ सड़कों पर खड़े रहते हैं, इनके लिए अलग पार्किंग बनाने की आवश्यकता है। बैठक में आगर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में कुल 6 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इसी तरह शाजापुर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले की 08 पंचायतों में मिशन जीवन रक्षक के तहत प्रशिक्षण आयोजित करवाया गया। उन्होंने कहा कि आपात रिस्पॉन्स पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है तथा नेशनल हाईवे की टीम के साथ भी समन्वय बना हुआ है।
देवास कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में 12 ब्लैक स्पॉट चिन्हित हैं। ओवर स्पीड को रोकने के लिए नियमानुसार रंबल स्ट्रिप और स्पीड ब्रेकर बनाए जाने की आवश्यकता है। रतलाम कलेक्टर ने बताया कि जिले में 280 वाहनों की चेकिंग की गई है और 43 वाहनों का चालान बनाया गया है। रतलाम पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हाईवे के दोनों ओर सर्विस रोड के पास बने हुए ढाबों के कारण ट्रक आदि वाहन खड़े रहते हैं, जिसके कारण दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। एनएचआई और एमपीआरडीसी को इस मामले में नियमों का पालन करवाना चाहिए। इसी तरह मंदसौर-नीमच जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने भी अपने यहां मिशन जीवन रक्षक के तहत की गई कार्रवाई की जानकारी दी तथा बताया कि निजी वाहनों के एक्सीडेंट में मृत व्यक्तियों के मुआवजे के प्रकरण आम तौर पर लंबित रहते हैं। इस दिशा में प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।
उज्जैन
मध्यप्रदेश में बाल विवाह की रोकथाम को और प्रभावी बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों का राज्य स्तरीय क्षमतावर्धन किया जा रहा है। विभाग द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से 6 अक्टूबर को आर.सी.वी.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी, भोपाल के स्वर्ण जयंती सभागार में एक दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी। कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों, बाल विवाह के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई तथा अन्य संबंधित कानूनों के साथ इसके जुड़ाव पर अधिकारियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला की अध्यक्षता महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया करेंगी। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ सामान्य प्रशासन, राजस्व, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारी और अधिसूचित बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी शामिल होंगे। बाल विवाह की रोकथाम के लिए जिले से लेकर ग्राम स्तर तक तथा नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषद स्तर पर सीएमपीओ अधिसूचित किए गए हैं। इनमें बाल विकास परियोजना अधिकारियों और पर्यवेक्षकों को भी बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है।
कानून की जानकारी से लेकर जमीनी कार्रवाई तक होगा प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सीएमपीओ को केवल कानून की जानकारी देना ही नहीं, बल्कि बाल विवाह की सूचना मिलने से लेकर उसके प्रभावी प्रतिषेध, संबंधित विभागों के साथ समन्वय, प्रकरणों की रिपोर्टिंग और प्रभावित बालिकाओं के संरक्षण तक उनकी भूमिका को स्पष्ट और प्रभावी बनाना है। अधिकारियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के साथ किशोर न्याय अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रासंगिक प्रावधानों के आपसी जुड़ाव की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में बाल विवाह के प्रकरणों में कानून के अनुरूप कार्रवाई, संबंधित विभागों और एजेंसियों की भूमिका तथा स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों पर भी चर्चा होगी। साथ ही बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल की सतत निगरानी और उस पर प्रकरणों की प्रभावी रिपोर्टिंग के संबंध में भी सीएमपीओ की क्षमतावृद्धि की जाएगी।सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय की भी दी जाएगी जानकारी
कार्यशाला में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के प्रावधानों को विस्तार से समझाने के साथ माननीय सर्वोच्च न्यायालय के सोसायटी फॉर इन्लाइंटमेंट एण्ड वॉलेन्टरी एक्शन एण्ड अनदर वर्सस यूनियन ऑफ इंडिया एण्ड अदर मामले में दिए गए निर्णय की जानकारी भी दी जाएगी। यह सत्र बाल विवाह की रोकथाम के लिए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिकारियों की जिम्मेदारियों को समझने की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। बाल विवाह के प्रकरणों में पुलिस, विधिक सेवा प्राधिकरण, पंचायती राज संस्थाओं और महिला एवं बाल विकास विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी विशेष जोर रहेगा। इसी विषय पर विभिन्न विभागों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों की पैनल चर्चा होगी, जिसमें बाल विवाह रोकथाम के लिए आपसी सहयोग और मैदानी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
किशोरियों के अनुभव बताएंगे कि बाल विवाह रोकना क्यों जरूरी
कार्यशाला में बाल विवाह रोकने के लिए स्वयं आगे आई किशोरी बालिकाओं को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा। इससे अधिकारियों को बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों को जमीनी अनुभवों के माध्यम से समझने में मदद मिलेगी। कार्यशाला में किशोरी बालिकाओं के सशक्तिकरण और उन्हें बाल विवाह के विरुद्ध आवाज उठाने के लिए सक्षम बनाने की आवश्यकता पर भी चर्चा होगी। बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम के लिए तैयार की गई व्यावहारिक मार्गदर्शिका और प्रशिक्षण मॉड्यूल का विमोचन भी किया जाएगा। इन सामग्रियों का उद्देश्य सीएमपीओ को कानून के साथ मैदानी परिस्थितियों में कार्रवाई के लिए व्यावहारिक दिशा प्रदान करना है।
पुलिस से पंचायत तक सभी विभागों की भूमिका होगी स्पष्ट
कार्यशाला में बाल विवाह रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और उनसे अपेक्षाओं को भी रेखांकित किया जाएगा। पुलिस की भूमिका, विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर निगरानी तंत्र तथा नगरीय निकायों की जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ टीम, स्टेट सपोर्ट टीम तथा संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी भी सहभागिता करेंगे। यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में शामिल होंगे।
विशेषज्ञ देंगे कानून और मैदानी कार्रवाई का प्रशिक्षण
कार्यशाला में बाल अधिकार एवं बाल विवाह से जुड़े विषयों के विशेषज्ञ अधिकारियों को प्रशिक्षित करेंगे। सुश्री भारती अली, बाल अधिकार विशेषज्ञ, नई दिल्ली बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय सहित बाल विवाह रोकथाम के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण देंगी। श्री गुरमुख सिंह लांबा, अधिवक्ता एवं वरिष्ठ तकनीकी सलाहकार, किशोर न्याय समिति, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर पीसीएमए के जेजे एक्ट, पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता से जुड़ाव की जानकारी देंगे। श्री गोविंद बेनीवाल, बाल संरक्षण अधिकारी, यूनिसेफ, मध्यप्रदेश सीएमपीओ की भूमिका, जिम्मेदारियों और बाल विवाह के प्रकरणों की रिपोर्टिंग से संबंधित प्रशिक्षण देंगे।
वरिष्ठ अधिकारी करेंगे मार्गदर्शन
कार्यशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त संदीप आर., सचिव जी.व्ही. रश्मि, पंचायत राज संचालनालय के संचालक सह आयुक्त छोटे सिंह, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे, मध्यप्रदेश पुलिस में महिला सुरक्षा के विशेष पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मार्गदर्शन करेंगे। पुलिस उप महानिरीक्षक (सामुदायिक पुलिसिंग) डॉ. विनीत कपूर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजगढ़ के देवदत्त तथा पंचायत राज संचालनालय के उप निदेशक सुधीर जैन भी बाल विवाह रोकथाम में अपने विभागों की भूमिका और आपसी समन्वय के विभिन्न पहलुओं पर प्रतिभागियों से संवाद करेंगे। कार्यशाला में बाल विवाह रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों और उनसे अपेक्षाओं को भी रेखांकित किया जाएगा। पुलिस की भूमिका, विधिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, पंचायत एवं ग्रामीण स्तर पर निगरानी तंत्र तथा नगरीय निकायों की जिम्मेदारियों को लेकर अधिकारियों के बीच समन्वय को मजबूत किया जाएगा। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के मिशन वात्सल्य, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ टीम, स्टेट सपोर्ट टीम तथा संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी भी सहभागिता करेंगे। यूनिसेफ के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में शामिल होंगे।
रतलाम
डेलनपुर टोल पर आबकारी विभाग की कार्रवाई, 42 पेटी मदिरा बरामद। सहायक आबकारी आयुक्त विकास मण्डलोई ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा 4 अक्टूबर को आबकारी उपनिरीक्षक अर्पित पांडे द्वारा धामनोद से रतलाम मार्ग पर डेलनपुर टोल के पास मदिरा के अवैध परिवहन को रोकने हेतु चेकिंग लगाई गई।

चेकिंग कार्यवाही के दौरान एक फोर्स तूफान गाड़ी नं- GJ 09 BM 2538 में से बग़ैर पास परमिट के माउंट 6000 बीयर की 22 पेटियां, बोल्ट बीयर की 10 पेटियां और देशी मदिरा प्लेन की 10 पेटियां, इस प्रकार कुल 42 पेटियां बरामद हुई। बग़ैर पास /परमिट के मदिरा का अवैध परिवहन किया जाना पाया जाने पर वाहन एवं मदिरा को विधिवत जप्त किया गया और 02 आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) एवं 34(2) का प्रकरण पंजीबद्ध किया जाकर आरोपियों को निरुद्ध किया गया। जप्त मदिरा एवं वाहन की कुल कीमत लगभग 1145000 रुपये है।

रतलाम
सरकारी अस्पताल एवं सब्जी मंडी क्षेत्र से वाहन चोरी की वारदातों का खुलासा एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य अपराधों के संबंध में पूछताछ जारी। थाना स्टेशन रोड रतलाम पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की 04 टीवीएस एक्सल मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपी द्वारा प्रारंभिक पूछताछ में जिला अस्पताल एवं सब्जी मंडी क्षेत्र से मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया गया है। आरोपी से अन्य वाहन चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।

फरियादी मुकेश कुमार शर्मा, निवासी पत्रकार कॉलोनी रतलाम, ने थाना स्टेशन रोड पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 30 सितंबर 2026 को वे अपने मित्र के साथ डॉक्टर को दिखाने के लिए शासकीय अस्पताल रतलाम गए थे। उन्होंने अपनी टीवीएस एक्सल मोटरसाइकिल क्रमांक MP43MF6754 अस्पताल के बाहर खड़ी की थी।वापस लौटने पर मोटरसाइकिल मौके से गायब मिली। आसपास एवं संभावित स्थानों पर तलाश के बाद भी वाहन का पता नहीं चलने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना स्टेशन रोड में अपराध क्रमांक 773/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस थाना प्रभारी स्टेशन रोड निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। विवेचना के दौरान प्राप्त मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने संदेही दुलेसिंह पिता शोभाराम भाटी, उम्र 52 वर्ष, निवासी कुम्हार मोहल्ला, कानवन, थाना कानवन, जिला धार को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी द्वारा जिला अस्पताल के बाहर मेन रोड एवं सब्जी मंडी क्षेत्र से कुल 04 टीवीएस एक्सल मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार किया गया।

बरामद वाहनों में अपराध क्रमांक 773/2026 में चोरी गई टीवीएस एक्सल मोटरसाइकिल MP43MF6754 भी शामिल है। अन्य 03 मोटरसाइकिलों को नियमानुसार धारा 35(1)(ड), 106 बीएनएसएस एवं 303(2) बीएनएस के तहत जप्त किया गया है।
अन्य वाहन चोरी की वारदातों के संबंध में पूछताछ जारी–
आरोपी को पुलिस रिमांड पर लेकर उससे अन्य वाहन चोरी की वारदातों, चोरी किए गए वाहनों के संबंध में तथा संभावित सहयोगियों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पुलिस द्वारा प्रकरण में आगे की विवेचनात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सराहनीय भूमिका–
उक्त कार्रवाई में थाना प्रभारी स्टेशन रोड निरीक्षक मुनेन्द्र गौतम के नेतृत्व में— सउनि मुरली मकवाना, आरक्षक रितेश यादव, आरक्षक धीरेन्द्र गोखले, आरक्षक दीपक वसुनिया एवं आरक्षक मृत्युंजयसिंह की सराहनीय भूमिका रही।

































