मुख्य कार्यपालन अधिकारी, उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड नेहा जैन द्वारा सोमवार को पदभार ग्रहण करने के उपरांत स्मार्ट सिटी के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा बैठक लेकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। श्रीमती जैन ने भारत माता पार्किंग से चौबीस खंभा मार्ग सड़क चौड़ीकरण निर्माण कार्य एवं महाकाल द्वार का स्थल निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान दिनांक 06/09/2026 को महाकाल द्वार के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की तकनीकी जाँच के साथ ही महाकाल द्वार के भव्य जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण हेतु कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। साथ ही भारत माता पार्किंग से चौबीस खंभा मार्ग का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

पदभार ग्रहण के तत्काल उपरांत दौरे से श्रीमती जैन की मंशा स्पष्ट है कि निर्माण कार्यों में गति लाई जाए एवं सभी इंजीनियर प्रतिदिन साईट भ्रमण करें।

निरीक्षण के दौरान स्मार्ट सिटी के अधीक्षण यंत्री आर. के. जैन एवं समस्त तकनीकी टीम उपस्थित रहे।
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कलेक्टर श्री कटेसरिया ने आबकारी विभाग को अवैध एवं नकली शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि नकली शराब के संबंध में सूचना दें। सूचना सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने जिला आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि विभाग अपनी आंख और कान खुले रखे तथा आम लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुने। शिकायतों की सुनवाई कर उनका समाधान करें और शिकायतकर्ता को की गई कार्रवाई की जानकारी भी दें। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतें नहीं सुनी जाएंगी तो वे परेशान और हतोत्साहित होंगे।

कलेक्टर ने नगरीय निकायों को भी नकली शराब के संबंध में अपना सूचना तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली शराब का सेवन विशेष रूप से गरीब तबके में अधिक देखने को मिलता है, इसलिए नगरीय निकाय भी इस दिशा में विशेष निगरानी रखें। आबकारी विभाग को विशेष सजगता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने वर्ष 2021 में नामली में नकली शराब से हुई बड़ी घटना का उल्लेख किया और कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभाग को लगातार सतर्क रहना होगा।

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कलेक्टर ने निर्देश दिए कि यदि प्रारंभिक प्रशासनिक परीक्षण में किसी तृतीय पक्ष के अधिकार अथवा हित से संबंधित तथ्यात्मक या विधिक विवाद प्रथम दृष्टया दिखाई देता है, तो शिकायत को केवल पटवारी अथवा राजस्व निरीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर सीधे बंद नहीं किया जाए। सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा सी.एम. हेल्पलाइन शिकायत क्रमांक का स्पष्ट उल्लेख करते हुए उपलब्ध राजस्व अभिलेख, खसरा, नक्शा, नामांतरण एवं बंटवारा आदेश, पूर्व सीमांकन अभिलेख तथा अन्य संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण कराया जाए। आवश्यकता होने पर मौके का निरीक्षण कर पटवारी एवं राजस्व निरीक्षक से तथ्यात्मक प्रतिवेदन भी प्राप्त किया जाए।
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कलेक्टर ने ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी ध्वनि विस्तारक यंत्र निर्धारित डेसिबल सीमा से अधिक नहीं बजना चाहिए। इसके लिए एसडीएम कार्रवाई की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करें और उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
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कलेक्टर श्री कटेसरिया ने जिला आपूर्ति अधिकारी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को राशन का समय पर एवं पूर्ण वितरण सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए केवल उचित मूल्य दुकान विक्रेता ही नहीं, बल्कि जिला आपूर्ति अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे।
उन्होंने कहा कि सैलाना, बाजना एवं रतलाम ग्रामीण क्षेत्र में खाद्यान्न वितरण को लेकर किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। इन क्षेत्रों में शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने कहा कि दो माह का राशन एक साथ वितरित किए जाने की स्थिति में एक माह का राशन देकर दो माह के वितरण की एंट्री अथवा अंगूठा लगवाने जैसी शिकायतें नहीं मिलनी चाहिए। कम मात्रा में राशन देकर अधिक मात्रा की एंट्री किए जाने की शिकायतों पर भी सख्त कार्रवाई की जाए। विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में राशन वितरण व्यवस्था बेहतर एवं पारदर्शी हो, यह सुनिश्चित किया जाए। शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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कलेक्टर अजय कटेसरिया ने वन अधिकार अधिनियम, 2006 के अंतर्गत पट्टों से संबंधित प्रावधानों की सही जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत 2005 से पहले से वन भूमि पर काबिज पात्र व्यक्तियों के दावों का नियमानुसार परीक्षण कर उन्हें अधिकार प्रदान किए जाने का प्रावधान है। पूर्व में किसी कारणवश निरस्त हुए ऐसे दावों का भी पुनः परीक्षण किया जाना है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में आम लोगों के बीच किसी प्रकार की भ्रांति न रहे, इसके लिए पंचायत स्तर तक व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। कलेक्टर ने कहा कि केवल भूमि पर नया अतिक्रमण अथवा कब्जा कर लेने से वन अधिकार का पट्टा प्राप्त नहीं होता। लोगों में इसको लेकर भ्रांति है। इसलिए आम नागरिकों को इस संबंध में जागरूक किया जाए और पात्र दावों का संवेदनशीलता एवं नियमानुसार परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।

































