रतलाम
व्यवसायी को पुलिस अधिकारी बनकर डराया, फर्जी FIR एवं सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेज भेजकर कराई गई थी लाखों रुपये की RTGS / रतलाम पुलिस की त्वरित कार्रवाई लगभग ₹20 लाख की राशि होल्ड, हैदराबाद से 02 एवं धारवाड़ (कर्नाटक) से 01 आरोपी गिरफ्तार/ पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार के निर्देशन में साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए रतलाम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ₹55 लाख की धोखाधड़ी के प्रकरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर राकेश पन्द्रो के मार्गदर्शन तथा सीएसपी रतलाम सत्येंद्र घनघोरिया के नेतृत्व में थाना माणकचौक एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग ₹20 लाख की राशि होल्ड करवाने के साथ तकनीकी साक्ष्यों एवं बैंक ट्रांजेक्शन के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। फरियादी वर्तमान में कुवैत में मोटर पार्ट्स का व्यवसाय करते हैं वर्तमान में कुछ दिनों से रतलाम में ही रह रहे थे । फरियादी के अनुसार, दिनांक 15 सितंबर 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया, जिसने स्वयं को मुंबई के कोलाबा क्षेत्र का पुलिस अधिकारी बताया। कॉल करने वाले ने फरियादी के मोबाइल नंबर के उपयोग, व्यवसाय एवं भारत में निवास के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद एक अन्य मोबाइल नंबर के संबंध में पूछताछ करते हुए आरोप लगाया कि उक्त नंबर का इस्तेमाल पाकिस्तान की आईएसआई से जुड़े एजेंट से बातचीत के लिए किया गया है। इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर स्वयं को पुलिस अधिकारी एवं वरिष्ठ निरीक्षक बताने वाले व्यक्तियों ने फरियादी को बताया कि उनके विरुद्ध संबंधित मोबाइल नंबर के उपयोग को लेकर एफआईआर दर्ज है। आरोपियों ने फरियादी से आधार कार्ड एवं पैन कार्ड संबंधी जानकारी प्राप्त की तथा एनओसी नहीं लेने की बात कहकर उन्हें और अधिक भयभीत किया। दिनांक 16 सितंबर 2026 को आरोपियों ने फरियादी की कॉल को कथित रूप से एटीएस विभाग में ट्रांसफर करने का नाटक किया। इसके बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस वर्दी पहने व्यक्तियों से बात कराई गई।आरोपियों ने हथियारों से संबंधित कुछ तस्वीरें भेजकर उनमें व्यक्तियों की पहचान करने को कहा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के लेटरहेड पर तैयार किए गए कथित दस्तावेज भेजे और फरियादी के विरुद्ध मामला दर्ज होने की बात कही। आरोपियों ने फरियादी को विश्वास दिलाया कि जांच एवं सत्यापन के लिए निर्धारित बैंक खातों में रकम जमा करानी होगी और सत्यापन के बाद पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। इस प्रकार कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर फरियादी से कुल ₹55,00,000/- (पचपन लाख रुपये) विभिन्न बैंक खातों में आरटीजीएस के माध्यम से जमा करवा लिए गए।
थाना माणकचौक पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। सायबर सेल टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए ठगी गई राशि में से 20 लाख रुपए होल्ड करवाने में सफलता मिली। साथ ही पुलिस द्वारा बैंक खातों एवं ट्रांजेक्शन की जांच कर धनराशि के प्रवाह का पता लगाया गया। विवेचना में विभिन्न स्तरों पर बैंक खातों का उपयोग सामने आया, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हैदराबाद एवं धारवाड़ से गिरफ्तारी – विवेचना के दौरान प्रथम स्तर पर एक्सिस बैंक के खाते में फरियादी द्वारा जमा कराई गई ₹35 लाख की राशि का पता चला। बैंक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त खाता SRI VENKATESHWARA PRI LIMITED नामक कंपनी से संबंधित था। खाते एवं कंपनी से संबंधित जानकारी के आधार पर पुलिस टीम हैदराबाद पहुंची और आरोपी कोडारी वेंकटेश से पूछताछ कर विधिवत गिरफ्तार किया गया। विवेचना के दौरान बैंक खाते से संबंधित जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने धारवाड़, कर्नाटक से अशोक अन्यया को गिरफ्तार किया। विवेचना के दौरान दूसरे स्तर ₹5,00,084/- की राशि ट्रांसफर होना पाया जाने पर आरोपी मीर यूसुफ को भी विधिवत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा रकम प्राप्त करने, निकालने एवं आगे पहुंचाने में शामिल व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
लगभग ₹20 लाख की राशि होल्ड करवाई गई–
पुलिस अधीक्षक रतलाम श्री अमित कुमार के निर्देशन में गठित थाना माणकचौक एवं साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बैंक ट्रांजेक्शन, तकनीकी साक्ष्यों एवं खातों की कड़ियों का विश्लेषण कर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस के प्रयासों से लगभग ₹20 लाख की राशि साइबर अपराधियों से संबंधित बैंक खातों में होल्ड करवाई गई।प्रकरण में हैदराबाद से दो तथा धारवाड़, कर्नाटक से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों से पूछताछ एवं बैंक खातों की जांच के माध्यम से अन्य संलिप्त व्यक्तियों और रकम के आगे के प्रवाह का पता लगाया जा रहा है।
गिरफ्तार आरोपी–
1. कोडारी वेंकटेश पिता राजन्ना कोडारी तेलंगाना
2. अशोक अन्यया मराठा कॉलोनी धारवाड़ कर्नाटक
3. मीर यूसुफ पिता मीर आजम निवासी चार मीनार मदीना नगर हैदराबाद
सराहनीय भूमिका –निरीक्षक विक्रम सिंह चौहान थाना प्रभारी माणकचौक, उपनिरीक्षक जीवन बारिया प्रभारी सायबर सेल, उप निरीक्षक मुकेश यादव, प्र आर दिनेश जाट, प्र आर रितेश पाटीदार, आर राहुल पाटीदार, आर रितेश चौधरी, म. आर वर्षा पाटीदार की सराहनीय भूमिका रही।
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रतलाम/ खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रीति मंडोरिया एवं खाद्य औषधि प्रशासन रतलाम द्वारा सैलाना स्थित बसंत रेस्टोरेंट का निरीक्षण कर मावा बर्फी का नमूना लिया गया तथा साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए।

टाटधारी नमकीन विशाल कसेरा से सेव एवं सोयाबीन तेल का नमूना जांच हेतु लिया गया तथा सुधार नोटिस जारी किया गया। श्री राम किराना दिलीप मार्ग सैलाना का निरीक्षण कर साबूदाना मूंगफली एवं दाल के नमूने लिए गए। गुरुकृपा डेयरी से दूध तथा वीरेंद्र ट्रेडर्स से मैगी नूडल्स का नमूना जांच हेतु लिया गया।
खाद्य पदार्थों के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अंतर्गत मानक स्तर की जांच हेतु लिए गए। मौके पर साफ-सफाई रखने के निर्देश दिए गए। लिए गए खाद्य पदार्थों के नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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शासकीय दिलीप नगर माध्यमिक विद्यालय में सेवा संकल्प के अंतर्गत समाज सेवा के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त स्टाफ, गणमान्य नागरिकों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलंटियर (PLV) प्रीति गोठवाल भी उपस्थित रहीं। साथ ही, पर्यावरण संरक्षण एवं विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में बच्चों के साथ वृक्षारोपण भी किया गया।

इस सराहनीय पहल का उद्देश्य जरूरतमंद बच्चों की सहायता करना, उनमें सेवा भावना विकसित करना तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सेवा ही संकल्प है, पर्यावरण संरक्षण हमारा कर्तव्य है।


































