रतलाम
कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चेतन्य काश्यप की माताजी, धर्मपरायण एवं समाजसेवी स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रतलाम स्थित विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड पहुंचकर स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में संबल प्रदान करने की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप के जीवन का स्मरण करते हुए कहा कि उन्हें भी माताजी का स्नेह सदैव मिलता रहा। उन्होंने कुक्षी जैसे छोटे स्थान से अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की। पति के निधन के बाद उन्होंने अपनी छोटी-छोटी संतानों को संभाला और उन्हें संस्कारों के साथ आगे बढ़ाया। उन्होंने दूरदृष्टि के साथ अपने पुत्रों को कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी और परिवार को सुदृढ़ आधार प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संतान ही अमरता की निशानी है। स्वर्गीय श्रीमती तेजकुंवरबाई काश्यप ने अपने उत्तराधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपकर उनकी कार्ययात्रा को आगे बढ़ते हुए देखा। चेतन्य काश्यप फाउंडेशन जरूरतमंद परिवारों के पुनर्वास, स्वावलंबन और संस्कार निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तेजकुंवरबाई के नाम में ही तेज समाहित था और उनका तेज सदैव सबके कल्याण के लिए रहा। उन्होंने उनके जीवन की यात्रा को निकट से देखा है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत पुण्यात्मा को शत-शत नमन करते हुए परमात्मा के श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।

इस दौरान अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के मंत्री नागर सिंह चौहान ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदीप उपाध्याय ने किया। इस दौरान परिवार सदस्यों में सिद्धार्थ काश्यप, श्रवण काश्यप, सारांश काश्यप, भावना शैलेन्द्र मानावत, नगर पालिका निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा, महापौर प्रहलाद पटेल, RDA अध्यक्ष मनोहर पोरवाल सहित राजनीतिक, धार्मिक, सामाजिक संगठन के पदाधिकारी प्रशासनिक अधिकारियों में कमिश्नर आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर अजय कटेसरया, डीआईजी निमिष अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक अमित कुमार सहित अन्य जिलाधिकारी मौजूद थे।
इसी के साथ भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित
रतलाम
सरसों, चना, मसूर, अलसी एवं गेहूं की कम पानी चाहने वाली किस्में अपनाने तथा ड्रिप और स्प्रिंकलर से सिंचाई करने की दी सलाह/ उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास भगवान सिंह अर्गल ने बताया कि जिले में इस वर्ष सामान्य वर्षा 918 mm की तुलना में मात्र 591 mm वर्षा हुई है। जिससे तालाबो एवं बैराज में जल का भराव 50 प्रतिशत से भी कम हुआ है। ऐसी परिस्थिति में फसलो की सिंचाई के लियें पर्याप्त मात्रा में जल उपलब्ध नहीं हो पाएगा। जिले के किसानों को सलाह दी जाती है कि सोयाबीन की फसल कटने के बाद मृदा में उपलब्ध नमी का उपयोग करने के लिये जल्दी से जल्दी खेत तैयार कर सरसों, चना, मसूर एवं अलसी आदि फसलो की बुआई करें। कृषको के पास स्वंय का जल स्त्रोत पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने पर ही गेहूं फसल की बुआई करें। गेहूं फसल में कम पानी चाहने वाली किस्में जैसे हर्षिता, GW-513, HI-1655, HI-1605, HI-1544 आदि किस्मों की बुआई करें। पानी की कमी को देखते हुए कृषकों को सलाह दी जाती है कि फलड सिंचाई के स्थान पर ड्रिप एवं स्प्रिंकलर से सिंचाई करें।
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सहायक संचालक भारती डांगी ने बताया कि आज 13 अक्टूबर 2026 को महिला एवं बाल विकास विभाग एवं परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वाधान में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत बालिकाओं और महिलाओं के लिए निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का आयोजन महिला आईटीआई रतलाम में किया गया।

कैंप में 100 से अधिक बालिकाएं उपस्थित रहीं। यह लर्निंग लाइसेंस बालिकाओं और महिलाओं के लिए 6 माह तक वैध रहेगा। जो कि नॉन गियर व्हीकल के लिए प्रदाय किया जाता है। इसके पश्चात आरटीओ के माध्यम से स्थाई लाइसेंस बनाए जाएंगे।


































