रतलाम
सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह के सतत एवं सक्रिय प्रयासों से जिला चिकित्सालय रतलाम को आज इप्का फाउंडेशन द्वारा कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों का सहयोग प्राप्त हुआ। इप्का फाउंडेशन की ओर से दिनेश सियाल, वाइस प्रेसिडेंट (एडमिनिस्ट्रेशन) एवं डॉ. मनीष गुप्ता, चीफ मेडिकल ऑफिसर द्वारा सिविल सर्जन को उपकरण औपचारिक रूप से सौंपे गए। प्राप्त उपकरणों में बी.पी. इंस्ट्रूमेंट 20 नग, ई.सी.जी. मशीन 02 नग, आई.एल.आर. फ्रिज 01 नग, सक्शन मशीन 02 नग तथा आर.ओ. युक्त वाटर कूलर 01 नग शामिल हैं।

सिविल सर्जन डॉ. ए.पी. सिंह ने बताया कि बी.पी. इंस्ट्रूमेंट, ई.सी.जी. मशीन, आई.एल.आर. फ्रिज एवं सक्शन मशीन का उपयोग अस्पताल में आने वाले मरीजों के निदान एवं उपचार को और अधिक सुलभ बनाने हेतु किया जाएगा, वहीं आर.ओ. युक्त वाटर कूलर को एम.सी.एच. इकाई में स्थापित किया जाएगा, ताकि भर्ती गर्भवती माताओं को शुद्ध एवं शीतल पेयजल उपलब्ध हो सके।
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भोपाल जिले के प्रभारी एवं एमएसएमई मंत्री चेतन्य काश्यप ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे आगामी 17 सितम्बर को दीप प्रज्ज्वलन और आकर्षक रंगारंग रोशनी के साथ ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ करें। नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख स्थानों एवं चौराहों को दीयों से प्रकाशित करें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म स्थान बडनगर (गुजरात) से आने वाली यात्रा की अगवानी बड़े उत्साह और उमंग से होना चाहिए। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक संपूर्ण देश और प्रदेश के साथ-साथ भोपाल जिले में भी सेवा संकल्प अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रमुख प्रोजेक्ट जैसे मेट्रो रेल और महत्वपूर्ण योजना स्थलों और ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक इमारतें जैसे राजभवन, मिन्टों हॉल, इंदिरा विधानभवन, वल्लभ भवन, सतपुड़ा, विंध्याचल और झीलों-तालाबों के आस-पास के इलाके रोशनी से जगमग होना चाहिए। एमएसएमई मंत्री ने ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और सेवा प्रकल्पों तथा नोडल अधिकारियों की जानकारी साझा की। अभियान के तहत कुल 13 राष्ट्रव्यापी गतिविधियां संचालित की जाएंगी।

इस वीडियों कान्फ्रेंसिंग का संचालन कलेक्टर भोपाल श्री प्रियंक मिश्रा कर रहे थे। जबकि प्रजेन्टेशन जिला पंचायत सीईओं सुश्री इला तिवारी ने किया। इसमें सांसद आलोक शर्मा, विधायक सर्वश्री भगवानदास सबनानी एवं विष्णु खत्री के अलावा महापौर श्रीमती मालती राय, भोपाल जिला अध्यक्ष रवीन्द्र यती, जिला पंचायत अध्यक्ष और जनपद पंचायत अध्यक्षों ने सहभागिता की।
उज्जैन
आत्मन फाउंडेशन, लखनऊ द्वारा शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय के सहयोग से तथा श्री धूतपापेश्वर लिमिटेड के समर्थन से आज “आयुर्वेद में नेतृत्व एवं साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन गत दिवस किया गया। कार्यशाला में महाविद्यालय के लगभग 150 शिक्षक, चिकित्सक एवं छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यशाला का उद्देश्य आयुर्वेद के क्षेत्र में प्रभावी नेतृत्व विकसित करने, वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करने तथा आयुर्वेदिक ज्ञान एवं आधुनिक शोध-साक्ष्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर संवाद एवं क्षमता निर्माण करना था।कार्यक्रम में संजय कुमार मिश्रा, आईएएस, अपर सचिव, आयुष मंत्रालय, मध्य प्रदेश शासन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में आयुर्वेद के विकास एवं विस्तार के लिए मजबूत, संवेदनशील और दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आयुर्वेद की समृद्ध परंपरा के साथ-साथ शोध, प्रमाण, नवाचार एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण को अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर आत्मन फाउंडेशन के संस्थापक शशांक श्रीवास्तव ने आयुर्वेद में नेतृत्व विकास एवं क्षमता निर्माण की आवश्यकता पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए आवश्यक है कि पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक प्रमाणों, शोध और प्रभावी नेतृत्व के साथ जोड़ा जाए।

कार्यशाला में ओ. पी. व्यास, प्राचार्य एवं सीईओ, शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय, उज्जैन की महत्वपूर्ण उपस्थिति एवं मार्गदर्शन रहा। उन्होंने इस प्रकार के ज्ञानवर्धक एवं क्षमता निर्माण कार्यक्रमों को आयुर्वेद शिक्षा और चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। डॉ. साक्षी शर्मा, रिसर्च ऑफिसर, सेंट्रल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (CRIA), नई दिल्ली ने साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने शोध, वैज्ञानिक प्रमाणों, डेटा एवं अनुसंधान निष्कर्षों के महत्व पर चर्चा करते हुए बताया कि किस प्रकार प्रमाण-आधारित दृष्टिकोण को आयुर्वेदिक चिकित्सा, शिक्षा एवं अनुसंधान में प्रभावी रूप से शामिल किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों ने नेतृत्व, टीम निर्माण, निर्णय क्षमता, शोध एवं प्रमाण-आधारित चिकित्सा पद्धतियों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया। सत्रों ने प्रतिभागियों को आयुर्वेद की वर्तमान और भविष्य की भूमिका पर नए दृष्टिकोण से विचार करने का अवसर प्रदान किया।
इस अवसर पर श्री शशांक श्रीवास्तव ने कहा
“आयुर्वेद का भविष्य ऐसे नेतृत्व पर निर्भर करेगा जो हमारी समृद्ध पारंपरिक ज्ञान परंपरा को वैज्ञानिक सोच, शोध, प्रमाण और उत्कृष्टता के साथ जोड़ सके। आत्मन फाउंडेशन का प्रयास है कि ऐसे क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से आयुर्वेद के शिक्षकों, चिकित्सकों और भावी चिकित्सकों को सशक्त बनाया जाए और एक मजबूत आयुर्वेदिक इकोसिस्टम के निर्माण में योगदान दिया जा सके।” कार्यशाला का समापन आयुर्वेद में नेतृत्व, निरंतर सीखने, अनुसंधान एवं साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के संकल्प के साथ हुआ।
आत्मन फाउंडेशन के बारे में
आत्मन फाउंडेशन, लखनऊ, नेतृत्व विकास, क्षमता निर्माण, शिक्षा एवं साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण के माध्यम से व्यक्तियों, संस्थानों और सार्वजनिक प्रणालियों को सशक्त बनाने की दिशा में कार्यरत है। फाउंडेशन का उद्देश्य ज्ञान, नेतृत्व और संस्थागत क्षमता के माध्यम से स्थायी एवं सार्थक सामाजिक प्रभाव उत्पन्न करना है।
रतलाम
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली (नालसा) एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार शनिवार को जिला न्यायालय रतलाम के ए.डी.आर. भवन में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री नीना आशापुरे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया।
नेशनल लोक अदालत में सम्पूर्ण जिले में गठित 37 खण्डपीठों के माध्यम से न्यायालय में लंबित समझौता योग्य 2052 प्रकरणों में से 1821 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में लगभग 2500 व्यक्ति लाभान्वित हुए तथा कुल 9 करोड़ 87 लाख 77 हजार 575 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों में 89 मामलों का निराकरण करते हुए 4 करोड़ 9 लाख 35 हजार रुपये के अवार्ड पारित किए गए। ट्रैफिक चालान के 728 मामलों का निराकरण कर कुल 1 लाख 47 हजार 700 रुपये की राशि जमा कराई गई। उपभोक्ता फोरम के 5 लंबित प्रकरणों का भी निराकरण किया गया, जिनमें 19 लाख 37 हजार 252 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
प्री-लिटिगेशन अर्थात मुकदमा पूर्व प्रकरणों में बैंकों, फायनेंस कंपनियों, बीएसएनएल, नगर निगम आदि से संबंधित 4592 प्रकरणों में से 1195 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इन प्रकरणों में 1 करोड़ 93 लाख 8 हजार 101 रुपये की राशि जमा कराई गई तथा 1200 से अधिक व्यक्ति लाभान्वित हुए।
नगर निगम रतलाम एवं अन्य नगर पालिका परिषदों से संबंधित जलकर एवं संपत्तिकर के 568 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1 करोड़ 38 लाख 57 हजार 782 रुपये की राशि जमा कराई गई। समाचार लिखे जाने तक नगर निगम से संबंधित प्रकरणों के निराकरण एवं कलेक्शन की प्रक्रिया जारी थी। कलेक्टर कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व न्यायालय से संबंधित 172 फौजदारी प्रकरण एवं 185 राजस्व प्रकरणों का भी निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के अवसर पर लीड बैंक मैनेजर के मार्गदर्शन में बैंक मैनेजर हरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी द्वारा आमजन के लिए शुद्ध पेयजल की सुविधा के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, रतलाम को आर.ओ. मशीन भेंट की गई। इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय रामजी गुप्ता, विशेष न्यायाधीश रवीन्द्र प्रताप सिंह चुण्डावत, जिला न्यायाधीश निर्मल मण्डोरिया सहित समस्त न्यायाधीश उपस्थित रहे। ए.डी.आर. भवन में आकर्षक सजावट एवं रंगोली भी बनाई गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सचिव/न्यायाधीश नीरज पवैया, न्यायाधीश पूनम तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ रतलाम राकेश कुमार शर्मा, सचिव चेतन केलवा, लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती आशा शाक्यवार, एल.डी.एम. एम.एल. मीणा, बैंक मैनेजर एवं अधिकारी-कर्मचारी, नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस अधिकारी-कर्मचारी, बीएसएनएल के अधिकारी-कर्मचारी, अधिवक्ता सदस्य, पैरालीगल वालेंटियर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी सहित पक्षकारों एवं पत्रकारों का सक्रिय सहयोग रहा।


































