रतलाम
बता दे कि एक बेजुबान कुत्ते पर डंडे से जान लेवा हमला कर दिया और दोनों आंखें भी फोड़ दी । आरोपी के विरुद्ध अशरफ नामक व्यक्ति पर FIR दर्ज।यह घटना रतलाम शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत डीजल शेड रोड पर क्रूरता और इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है । अशरफ नामक व्यक्ति ने एक बेजुबान कुत्ते को डंडे से पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और उसकी दोनों आंखें फोड़ दीं। इस बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोगों में भारी आक्रोश है।जानकारी अनुसार यह घटना सोमवार शाम करीब 4:00 बजे की है। डीजल शेड रोड, पानी की टंकी के पास रहने वाले संजू भूरिया ने बताया कि वे अपने घर पर थे, तभी बाहर कुत्ते के जोर-जोर से रोने और चीखने की आवाज सुनाई दी। जब वे बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि पड़ोस में रहने वाला अशरफ मुसलमान एक 4 वर्षीय सफेद-भूरे रंग के कुत्ते पर डंडे से बेरहमी से वार कर रहा था। इसी बीच संजू और उनके साथी जीवन सूर्यवंशी ने जब अशरफ को रोकने की कोशिश की तो आरोपी और अधिक गुस्सा हो गया और कुत्ते को घसीटते हुए दूर ले गया। बाद में संजू और जीवन ने किसी तरह कुत्ते को अशरफ के चंगुल से छुड़ाया। कुते को बचाने के बाद जब कुछ लोगों ने कुत्ते को देखा तो उसकी हालत अत्यंत दयनीय थी। डंडे के हमले से कुत्ते का सिर फट गया था, खून बह रहा था और उसकी दोनों आंखें बुरी तरह से फूट चुकी थीं। प्रत्यक्ष दर्शियों ने तुरंत बेजुबान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। इसी तरह घटना की शिकायत दर्ज कराने संजू भूरिया अपने साथी अमित एंथोनी के साथ औद्योगिक क्षेत्र थाने पहुंचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अशरफ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 एवं पशुओं के प्रति क्रूरता का निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज किया। मामले की जांच उप-निरीक्षक गिरधारी लाल परमार द्वारा की जा रही है। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय नागरिकों और जीव दया प्रेमियों में गहरा गुस्सा है। लोगों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि बेजुबान जानवरों पर इस तरह की क्रूरता करने वालों को कड़ा सबक मिल सके।
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स्वच्छता ही सेवा” अभियान अंतर्गत आज दिनांक 22 सितम्बर 2026 को प्रातः 8:00 बजे ग्राम पंचायत सेजावता, जनपद पंचायत रतलाम में स्वच्छता श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पंचायत रतलाम की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री वैशाली जैन की गरिमामयी उपस्थिति में जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं ग्रामीणों द्वारा सामूहिक रूप से श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता स्थल पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा श्रमदान करते हुए परिसर की साफ-सफाई की गई तथा एकत्रित कचरे का उचित निस्तारण किया गया। ग्रामीणों को अपने गांव को स्वच्छ एवं कचरा मुक्त बनाए रखने, सार्वजनिक स्थलों पर कचरा नहीं फेंकने तथा गीले एवं सूखे कचरे के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री वैशाली जैन ने ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों से स्वच्छता गतिविधियों को केवल अभियान तक सीमित न रखते हुए इसे नियमित जनभागीदारी की गतिविधि बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ गांव के निर्माण में प्रत्येक ग्रामीण की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में मनीष भंवर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत रतलाम, एसबीएम जिला नोडल अधिकारी, जनपद पंचायत के एई, उपयंत्री नीरज पांचाल, एसबीएम ब्लॉक नोडल अधिकारी प्रकाश मैड़ा, सेक्टर प्रभारी सुशील आर्य, जनपद सदस्य प्रतिनिधि जीवन सिंह देवड़ा, सरपंच गोपाल डाबी, उपसरपंच गणेश मालवीय, सचिव रणजीत मालवीय, सहायक सचिव जितेंद्र मालवीय, पंच जितेंद्र सिंह, चरण सिंह पवार, नंदकिशोर उपाध्याय, रामेश्वर धाकड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, चौकीदार एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों ने “स्वच्छ गांव—स्वस्थ गांव” के संकल्प के साथ नियमित स्वच्छता बनाए रखने तथा गांव को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया।
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डॉ. कैलाशनाथ काटजू विधि महाविद्यालय, रतलाम के छात्र-छात्राओं ने परिसर में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बाहरी व्यक्तियों के अनधिकृत प्रवेश, अभद्रता, और महाविद्यालय की छवि धूमिल करने के आरोपों के विरोध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को महाविद्यालय परिसर स्थित सभागृह में गणेशोत्सव के अंतर्गत छात्र-छात्राओं के लिए गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान सुनील राठौड़, गन्नी शक्तावत, ऋषभ सुराणा तथा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने परिसर में अनधिकृत रूप से प्रवेश कर व्यवस्था में हस्तक्षेप किया और कार्यक्रम को जबरन बंद कराने का प्रयास किया। अभद्रता और मानसिक दबाव का आरोप विद्यार्थियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि बाहरी तत्वों द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं तथा महाविद्यालय की प्राचार्या महोदया के साथ अभद्र व आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। इससे परिसर में भय, असुरक्षा और तनाव का माहौल बन गया। इसके अलावा, भविष्य में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित न करने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। ’कपल गरबा’ और ‘अवैध वसूली’ के आरोपों का खंडन छात्रों ने सोशल मीडिया व मीडिया में प्रसारित उन खबरों और आरोपों को पूरी तरह भ्रामक एवं असत्य बताया है, जिनमें “कपल गरबा” आयोजित करने तथा प्रवेश हेतु पैसे लेने की बात कही गई थी। विद्यार्थियों का कहना है कि इन झूठी खबरों के कारण छात्राओं के अभिभावकों में डर का माहौल है और वे अपनी बालिकाओं को सांस्कृतिक गतिविधियों में भेजने से कतरा रहे हैं। निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग विद्यार्थियों ने प्रशासन से 21 सितंबर के पूरे घटनाक्रम, बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश और बदसलूकी की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जाए। घटना के तथ्यों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 (BNS) की धारा 329 (अनधिकृत प्रवेश), 351 (आपराधिक धमकी), 352 (शांति भंग करने का प्रयास) और 356 (मानहानि) के तहत जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए। भविष्य में बाहरी तत्वों के हस्तक्षेप को रोकने और महाविद्यालय में सुरक्षित व भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। ज्ञापन सौंपते समय कॉलेज के समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे और उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने की अपील की है।


































